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अब आप ही कुछ कीजिए।” (प्रेरणादायक प्रसंग)अब आप ही कुछ कीजिए।” (प्रेरणादायक प्रसंग)

यह घटना जयपुर के एक वरिष्ठ डॉक्टर की आपबीती है जिसने उनका पूरा जीवन ही बदल दिया।वह एक हृदय रोग विशेषज्ञ हैं।सुनिए यह कहानी उन्हीं की जुबानी –एक दिन मेरे

बुद्ध और अनुयायी प्रेरणादायक कहानीबुद्ध और अनुयायी प्रेरणादायक कहानी

LifeChangingThoughts ByReema SrivastavaFollow 👉 this Blog ऐसे ही पोस्ट /व / Reels को देखने के लिए हमें फॉलो करें 👈🙏 #Motivationalstories, #HindiKahaniyan, #storyinhindi, #gyanbajar #Trandingreels #हिंदीकहानी, #reelsviral #reelsindia #reelsvideo #reelsfb,

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सबको पाल-पोष रहे हैं, तो बताइये पत्थरों के बीच फंसे उस मेंढक का ध्यान कौन रख रहा था..सबको पाल-पोष रहे हैं, तो बताइये पत्थरों के बीच फंसे उस मेंढक का ध्यान कौन रख रहा था..

एक राजा अपनी वीरता और सुशासन के लिए प्रसिद्ध था। एक बार वो अपने गुरु जी के साथ भ्रमण कर रहा था, राज्य की समृद्धि और खुशहाली देखकर उसके भीतर

पापका फल भोगना ही पड़ता हैपापका फल भोगना ही पड़ता है

मनुष्यको ऐसी शंका नहीं करनी चाहिये कि मेरा पाप तो कम था पर दण्ड अधिक भोगना पड़ा अथवा मैंने पाप तो किया नहीं पर दण्ड मुझे मिल गया! कारण कि

क्या हुआ जब एक भक्त ने की शिव जी की निंदाक्या हुआ जब एक भक्त ने की शिव जी की निंदा

एक बार कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और माँ पार्वती बैठे हुए थे। शिव जी ध्यान लगा कर बैठे थे।तभी पार्वती जी ने देखा कि वे मन्द-मन्द मुस्कुरा रहे हैं।

ये कहानी है,दो परिवारों की
(आपने उन्हे कैसे संस्कार दिए है)ये कहानी है,दो परिवारों की
(आपने उन्हे कैसे संस्कार दिए है)

जो एक ही शहर मे रहते है,लेकिन दोनो परिवारों का घर शहर के अलग अलग इलाके मे है।दोनो परिवारों मे मा,बाप,बेटा,बेटी ऐसे चार लोग रहते है।दोनो ही परिवार एक अच्छा

संयम की अनूठी कथा : साड़ी के टुकड़ेसंयम की अनूठी कथा : साड़ी के टुकड़े

संयम की अनूठी कथा : साड़ी के टुकड़े एक नगर में एक जुलाहा रहता था। वह स्वभाव से अत्यंत शांत, नम्र तथा वफादार था। उसे क्रोध तो कभी आता ही