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  • कुछ लोगों का यह मानना है कि मोटिवेशन बेकार चीज होती है. और कुछ दिनों के बाद मोटिवेशन चला जाता है. लेकिन अगर आप किसी गोल का पीछा करते हैं तो जितना ज्यादा आपका मोटिवेशन होगा उसे पाने में उतनी कम आपकी मेहनत लगेगी. कहते हैं एक आईडिया आपकी जिंदगी को बदल सकता है. और स्टीव शेनडलर खुद को मोटिवेट करने के 100 आईडियाज़ बताते हैं. इस किताब में आप जानेंगे कि कैसे इनकी वजह से आप की जिंदगी बिल्कुल आसान हो जाती है. और आपसफलता की सीढ़ियां चढ़ने लगते हैं. सभी लोगों केपास यह किताब लाइफ की हैंडबुक की तरह होनी चाहिए जिससे लाइफ में कोई मुश्किल महसूस होने पर आप इस किताब कुछ पन्ने पलट कर खुद को मोटिवेट कर लें. इस किताब के मोटिवेशनल आइडियाजइस तरह से हैं –

  • 1.डेथ बेड एक्सरसाइज

  • इस आइडिया के मुताबिक लोग यह सोचते हैं कि वह हमेशा के लिए धरती पर रहने आए हैं. लेकिन आपको यह रिलाइज करना चाहिए कि एक दिन आएगा और आप इस धरती पर नहीं रहेंगे. और जब आपको यह एहसास हो जाएगा तो आप देखेंगे कि नॉन इंपॉर्टेंट चीजों में आप कितना टाइम वेस्ट कर देते हैं. और फिर जब आप इस बारे में विचार करेंगे कि आपके ना रहने पर ऐसी कौन-कौन सी इच्छाएं और आशाएं बाकी रह गई हैं जिन्हें आप अपनी जिंदगी में पूरा करना चाहते थे,तब आपको इस लाइफ की वैल्यू पता चलेगी. और आप समझ जाएंगे कि जैसेक्रिकेट वगैरह दूसरे गेम खत्म होते हैं उसी तरह लाइफ का गेम भी एक दिन खत्म हो जाता है . और जो कुछ भी करना है वह खेल खत्म होने से पहले ही कर लेना है.

  • 2. स्टे हंगरी एक्सरसाइज

  • मशहूरहॉलीवुड ऐक्टरअर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर ने जब बॉडी बिल्डिंग से निकल कर फिल्मों में काम करना शुरू किया. तो ज्यादा तर लोग उन्हेंनहीं पहचानते थे. और उनकी पहली फिल्म भी फेल हो गई थी. इसके बाद उन्होंने अपने इंटरव्यू मेंपूरे यकीन के साथ कहा कि एक दिन वह हॉलीवुड के सबसे पावरफुल एक्टर बनेंगे. और फिर यह पूछे जाने पर कि वह ऐसा कैसे करेंगे? तो उन्होंने जवाब दिया कि वह अपने लिए एक बेस्ट ऐक्टर का विजन क्रिएट करेंगे. और उस विजन को ऐसे जिएंगे जैसे कि वह सच हो गया था. उन्होंने बताया कि वह पहले भी बॉडी बिल्डिंगमें इस तरीके को कामयाबी के साथ आजमा चुके थे. उनका लोगों से यही कहना था कि आप अपने मन मुताबिक विजन के मिलने का इंतजार मत कीजिए बल्कि खुद अपने विजन को क्रिएट कीजिए.

  • 3. टेल योर सेल्फ ए ट्रू लाई

  • इसके मुताबिक आपको अपनी लाइफ के बारे में शानदार झूठ लिखने के लिए कहा जाता है. अगर आपने कोई ऐसा सपना देखा है, या आप की कोई ऐसी इच्छा है जिसके बारे में आप का मानना है कि उसको आपकी जिंदगीमें पूरा नहीं किया जा सकता है. तो फिर उसके बारे में ऐसा दिखावा करके लिखिए कि वह काम हो गया है. और उसे पूरा करने के लिए अपने ब्रेन को तैयार कीजिए और फिर जब आप उस काम को करेंगे तो वह सच में हो जाएगा. वैसे तो इच्छाओं का कोई अंत नहीं है. लेकिन आप एक बार में अपनी सबसे बड़ी इच्छा के बारे में लिखिए और उसे पूरा कीजिए. उसके बाद दूसरे के लिए कोशिश कीजिए. वरना कहीं ऐसा ना हो कि बहुत सारी इच्छाओं को एक साथ पूरा करने की कोशिश में आपकी कोई इच्छा पूरी ना हो.

  • 4. कीप योर आईज ऑन द प्राइज

  • इस आइडिया के मुताबिक आपकी आंखें हमेशा प्राइज पर होनी चाहिए. इसके लिए एक एग्जांपल दिया गया है कि जमीन पर रखे हुए दो फुट मोटे और 10 फुट लंबेपेड़ के तने पर आप बड़े आराम से चलते हुए एक सिरे से दूसरे तक पहुंच जाते हैं . जबकि अगर पेड़ के उस तने को जमीन से 20 फुट की ऊंचाई पर रख दिया जाए तो फिर उस पर चलते समय आपकी ब्रेन का फोकस आपको इस बात से डराता रहेगा कि कहीं आप गिर ना जाए. आपकी लाइफ में हमेशा यही होता है कि आप अपने डर के बारे में चिंतित रहते हैं. लेकिन आपका फोकस हमेशा ऑप्टिमिज्म यानी उम्मीद से भरे हुए प्राइज की तरफ होना चाहिए. कि उस काम को कर लेने के बाद आपको कितनी शाबाशी मिलने वाली है और आपका कितना फायदा होने वाला है.

  • 5. लर्न टू स्वेट इन पीस

  • इस आइडिया के मुताबिक आप अपना पसीना उस समय बहाइएजब आप प्रैक्टिस कर रहे हों. युद्ध के समय आपका पसीना बहाना काम नहीं आता है बल्कि उस समय आप फौरन मौके के हिसाब से एक्शन लेते हैं. इसलिए आप शांति के समय मेहनत करके अपनी प्रैक्टिस कीजिए ताकि युद्ध के समय वह आपके काम आ सके. इसीलिए दौड़ की प्रैक्टिस करते समय खिलाड़ी अपने पीछे भारी टायर को बांधकर दौड़ते हैं. जिससे उन्हें दौड़ने में बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. लेकिन फिर उस टायर को हटा देने के बाद उन्हें अपना बदन बहुत हल्का फुल्का लगने लगता है. इस प्रकार अगर आप पहले ही मेहनत से प्रैक्टिस कर के अपने डर पर काबू पा लेते हैं तो असली परीक्षा को आप बड़े आराम से सक्सेस फुली पास कर लेते हैं.

  • 6. सिंपलीफाई योर लाइफ

  • इस आइडिया को समझाने के लिए अमेरिकी फुटबॉल के एक बहुत मशहूर कोच विंस लोम्बार्डी का उदाहरण दिया गया है जिनका कहना था कि अगर आप खेलते समय मैदान में बहुत एग्रेसिवली कुछ करना चाहते हो लेकिन आपके माइंड को इस बारे में कुछ नहीं पता है कि क्या करना हैतो आप कुछ नहीं कर पाओगे. यही बात असल जिंदगी में भी लागू होती है. इसलिए आपको अपनी लाइफ को भी सिंपलीफाई कर लेना चाहिए. इसके बारे में दो किताबें लिखी गई हैं. जो बहुत ही पावरफुल हैं. पहली है ‘ द वन थिंग ‘, और दूसरी है ‘ द एसेंशियलिस्म ‘. दोनों किताबें यह कहती हैं कि अपने माइंड के लिए एक साथ बहुत सारे गोल्स चूज मत कीजिए. बल्कि उसकी जगह कोई ऐसा गोल चूज कीजिए जिसके मिलने के बाद बाकी सारे गोल्स ऑटोमेटिकली आपको मिल जाएं.

  • 7. लुक फॉर द लॉस्ट गोल्ड

  • इस आईडिया के बारे में यह बताया गया है कि अक्सर हम लोग चीजों को अपने नजरिए से देखते हैं और वैसे नहीं देख पाते हैं जैसे कि वह असल में होती हैं. इसके बारे में उदाहरण देते हुए बताया गया है कि दो लोग एक फ्रेंड की बर्थडे पार्टी में शामिल हुए. उनमें से एक आदमी को उस पार्टी की हर चीज़ बहुत अच्छी लगी और वहां पर उसने खूब इंजॉय किया. जबकि दूसरा आदमी घर से ही लड़ झगड़ कर आया था और वह ऑलरेडी बहुत दुखी था. उसे वहां कुछ भी अच्छा नहीं लगा. इससे यह पता चलता है कि सुंदरता हमारी आंखों में है. अगर हम अंदरसे खुश हैं तो हमें सब कुछ सुंदर और अच्छा दिखाई देता है. लेकिन जब हम अंदर से दुखी होते हैं तो फिर हमें कोई भी चीज खुश नहीं कर सकती है. हमारे पास ऐसी बहुत सी पॉसिबिलिटीज होती हैं कि हम अपने दिन को अच्छा और शानदार बना सकें.और यह आपकी अपनी चॉइस है कि पॉजिटिव सोच रखें और खुश रहें या निराशा वाली सोच रख कर दुखी रहें. इसलिए अगर आप छोटे छोटे गोल बनाकर उन्हें अचीव करेंगे तो आपका दिन जरूर अच्छा गुजरेगा.

  • 8. पुश ऑल योर बटन्स

  • इस आईडिया के बारे में बताया गया कि हमें यह पता होता है कि किस कंडीशन में हम अच्छा काम करते हैं और किस कंडीशन में अच्छा काम नहीं कर पाते हैं. इस बारे में उदाहरण दिया गया है कि कंप्यूटर चलाने के लिए उसमें बहुत से बटन होते हैं. लेकिन अगर किसी शख्स को उन बटंस का इस्तेमाल ना मालूम हो तो वह बहुत परेशान होने के बाद भी कंप्यूटर में कोई काम नहीं कर पाएगा. इसी तरह अगर आप को अपने बारे में नॉलेज हैकि कौन सी चीज आपके मूड को अच्छा करती है. तो आप अच्छा काम करने लगते हैं .जैसे बहुत सेगाने आप को मोटिवेट करते हैं, बहुत सी फिल्में आपको चार्ज अपकर देती है, बहुत से यूट्यूब वीडियोस से आपको पॉजिटिविटी मिलती है और बहुत से लोगों से मिलकर आप एकदम से खुश हो जाते हैं . और इसी तरह की चीजों की एक लंबी लिस्ट है जो आप के लिए मोटिवेशन बटन का कामकरती हैं . और आपकी स्पिरिट को बताती हैंकि आप किस टाइप के आदमी हैं. और किन बातों से दुखी हो जाते हैं. इसलिए आपको अपनेमोटिवेशन बटन की लिस्ट पता होनी चाहिए. और आपको उन्हीं बटन को ज्यादा दबाना चाहिए जो आपको ऊपर उठाते हों.

  • 9. बिल्ड ए ट्रैक रिकॉर्ड –

  • इस आइडिया के बारे मेंबताया गया है कि हमें काम करने की वजह से इतनी थकान नहीं होती है जितनी कोई काम ना करने से हो जाती है. बहुत से लोग कुछ किताबें और वीडियोज़ देखकर यह मानते हैं कि एफर्मेशन करके उनकी लाइफ बदल जाएगी. लेकिन एफर्मेशंस सिर्फ कुछ हद तक ही काम करते हैं. और किसी चीज के लिए एफर्मेशन करना ऐसा ही है जैसे कि आपकिसी चीज के बारे मेंबार-बार दोहराते रहें कि आपको किसी काम को सीखनाहै. तो आप कभी न कभी उस चीज को सीखने की उम्मीद तो कर सकते हैं लेकिन असल में आप सही तरीके से उसको नहीं सीख पाएंगे . मिसाल के तौर पर अगर आप कंप्यूटर सीखना चाहते हैं तो इस बात को बार-बार दोहराने कीजगह अगर आप किसी की गाइडेंस में कंप्यूटर कोर्स करना शुरू कर दें तो पहले आप एक नौसीखिए की तरह सीखना शुरू करेंगे. फिर थोड़ा और सीखेंगे और आखिर में आप अच्छी तरह सीख जाएंगे. इसके लिए आपको अपना एक ट्रैक रिकॉर्ड बनाना होगा. और उस ट्रैक रिकॉर्ड में आप अपने एक्सपीरियंस को बताइए जैसे कि पहले आप कंप्यूटर चलाना बिल्कुल नहीं जानते थे इसके बाद आपनेरोजआधा घंटा प्रैक्टिस की और फिर एक महीने बाद आप कंप्यूटर चलाना सीख गए . और अब आसानी से कंप्यूटर पर काम करने लगे थे . आप का ट्रैक रिकॉर्ड यह साबित करता है कि आप खुद को मोटिवेट कर के किसी भी काम को कर सकते हैं.

  • 10. वेलकम द अनएक्सपेक्टेड

  • इस आईडिया के बारे में यह बताया गया है कि बहुत से लोगों का मानना है कि वो क्रिएटिव नहीं है. जबकि हमसब लोग वाकई में क्रिएटिव हैं और कुछ ना कुछ क्रिएटिविटी करते रहते हैं. क्रिएटिविटी का मतलब यह नहींहै कि किसी ओरिजिनल चीज को क्रिएट किया जाए. बल्कि इसका मतलब है कि कोई ऐसी चीज क्रिएट की जाए जिसके बारे में पहले सोचा ना गया हो. इस बारे में नमकीन जलेबी का एग्जांपल दिया गया है. आप लोगों ने जलेबी को हजारों बार देखा होगा. लेकिन इसमें क्रिएटिविटी यह है कि वह नमकीन हो और टेस्टी लगे. इसलिए आपको अपने बारे में यह कभी नहीं सोचना चाहिए कि आप आर्टिस्टिक या क्रिएटिव नहीं है. आपके लिए क्रिएटिविटी की पॉसिबिलिटी हमेशा बनी रहती है. और इसके लिए आप को हमेशा कुछ अनएक्सपेक्टेड करने के लिए तैयार रहना चाहिए.

By Reema Srivastava

I AM REEMA SRIVASTAVA

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