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  • इस अध्याय में आप ऐसी सरल तकनीकें सीखेंगे, जो आपको किसी भी. परीक्षा में अधिकतम अक प्राप्त करने में सहायक होगी।

  • 1.परीक्षा के तुरन्त पहले कुछ मत खाइए

  • 2.अच्छी तरह से सोएँ

  • 3.परीक्षा प्रारंभ होने के पहले विश्राम करें

  • 4.परीक्षा देने के लिए कुछ सुझाव

  • 5.सरल प्रश्नों के उत्तर पहले दें

  • 6.एक मिनट का विराम करें

  • 7.समय से पहले परीक्षा कक्ष को नहीं छोड़े

  • 1.परीक्षा के तुरन्त पहले कुछ मत खाइए

  • परीक्षा में जाने के तीन घंटे पहले तक आपको भारी नाश्ता या भोजन नहीं करना चाहिए।

  • क्यों?

  • यह जानने के लिए, आइए, पहले हमारी पाचन प्रणाली की जानकारी लेते हैं, जब हम खाते हैं, तो मुँह में भोजन को चबाते हैं। चबाने से खाना नरम होता है और इसमें लार मिल जाती है। तब यह हमारे अमाशय में जाता है। वहाँ यह खाना ३-4 घंटे रहता है। आमाशय द्वारा पाचक रस मिलाए जाते हैं और तब भोजन पच जाता है। वहाँ से यह छोटी आंत की तरफ बढ़ता है, जहाँ शरीर भोजन में से पोषक तत्वों को खींच लेता है। अंत में बाकी बचे हुए तत्व शरीर द्वारा बाहर निकाल दिए जाते हैं।

  • भोजन पचाने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। भोजन को पचाने के लिए आवश्यक इस अतिरिक्त ऊर्जा को आमाशय तक पहुंचाने के लिए मानव शरीर में एक विकसित प्रणाली है। जब आप भोजन करते हैं, तो आमाशय के क्षेत्र में रक्त संचार की मात्रा बढ़ जाती है। फलत: मस्तिष्क में व अन्य भागों में रक्त की मात्रा कुछ कम हो जाती है। यही कारण है कि आप भोजन करने के पश्चात्‌ सुस्ती और निद्रा का अनुमव करते हैं। इसका तात्पर्य यह भी है कि भोजन करने के कुछ घंटों पश्चात्‌ तक आपके बुद्धि और आई. क्यू. स्तर में कमी हो जाती है। आपके द्वारा लिए गए भोजन के अनुरूप समय की यह मात्रा 2-3 घंटे या अधिक भी हो सकती है।

  • अगर परीक्षा के पहले आप भूख महसूस करें, तो आप फल खा सकते हैं, क्योंकि फल आमाशय में नहीं पचते। अगर फल खाते समय आमाशय खाली है तो फल वहाँ लगभग दस या बीस मिनट रूकने के पश्चात्‌ छोटी आंत की तरफ बढ़ जाते हैं। तब वहाँ पर इनमें से पोषक तत्व खींच लिए जाते हैं।

  • 2.अच्छी तरह से सोएँ

  • परीक्षा के दिनो मे आपको अच्छी तरह से सोना चाहिये

    अति महत्त्वपूर्ण है। इससे आप ताजगी महसूस करते हैं। इससे आपको शक्ति मिलती है।

  • अगर आप पर्याप्त रूप से नहीं सोएंगे, तब आप में उतनी शक्ति नही रहेंगी, जितनी अच्छी तरह से सोने से रहती है।

  • अगर आप ताजा और स्फूर्तिवान नहीं होंगे तो आप अपनी पूर्ण क्षमता के साथ परीक्षा नहीं दे पाएंगे। फलत: जितने अंक आपको मिलने चाहिए, उससे कम अंक ही प्राप्त होंगे।

  • 3.परीक्षा प्रारंभ होने के पहले विश्राम करें

  • आपको परीक्षा कक्ष में समय से पहले पहुंचना चाहिए। साधारणत परीक्षा पत्र और उत्तर-पुस्तिका मिलने के 5–10 मिनट पूर्व पहुंचना उचित है इस समय का उपयोग आप तनाव रहित होने और विश्राम करने के लिए कर सकते हैं।

  • 4.परीक्षा देने के लिए कुछ सुझाव

  • परीक्षा में कैसे लिखा जाए, इंस बारे में कुछ सुझाव है। ये विचार सुझाव व तकनीकें अत्यन्त सरल हैं। आपको इन्हें याद करने की आवश्यकता नहीं है। सिफ॑ इन्हें समझ लीजिए। ये सरल सुझाव आपकी बहुत सहायता करेगे।

  • 5.सरल प्रश्नों के उत्तर पहले दें

  • आपको उन प्रश्नों के उत्तर पहले देने चाहिए, जिन्हें आप अच्छी तरह जानते हैं। यदि आपको किसी प्रश्न का उत्तर 100% विश्वास के साथ मालूम है,उसी प्रश्न का उत्तर दें।

  • अगर आपको यह पता है कि आप अनेक प्रश्नों के उत्तर जानते हैं, ॥ पहले उन प्रश्नों को हल करिए, जिनके द्वारा आपको कम समय में अधिक अंक प्राप्त हो सकते हैं। उदाहरण के लिएअगर एक निबन्धात्मक प्रश्न दस अको का है तथा दूसरी तरफ हाँ,“ नहीं अथवा सत्य असत्य प्रकार के 20 प्रश्नों का कल योग भी दस अंक ही है तब आपको उस निबन्ध वाले प्रश्न की बजाए ये 20 प्रश्न पहले हल करने चाहिए। इससे एक प्रत्यक्ष लाभ यह होगा कि शेष प्रश्नों का सावधानीपूर्वक और व्यवस्थित उत्तर देने के लिए आपके पास अधिक समय उपलब्ध होगा।

  • 6.एक मिनट का विराम करें

  • मेरा यह सुझाव है कि हर परीक्षा या प्रतियोगी परीक्षा में एक मिनट का विराम करें, इस विराम के समय आप अपनी आंखें बद कर लीजिए और गहरी सांस लीजिए | आँखें बंद करते हुए अपने शरीर के प्रत्येक हिस्से को महसूस करें तथा उसे तनिक हिलाएं और फिर उसे तनाव रहित करें.

  • आप प्रत्येक 15 या 30 मिनट पश्चात्‌ अथवा किसी नए प्रश्न को हल करने के पूर्व इस प्रकार का विराम कर सकते हैं।

  • विराम के पश्चात्‌ प्रश्न को सावधानी से पढ़िए, उत्तर की योजना बनाइए और फिर लिखना प्रारंभ कीजिए।

  • अगर आप इस सुझाव को मान लेते हैं तब मैं विश्वास दिलाता हूँ कि आप विश्राम अनुभव करेंगे एवं आपमें परीक्षा में अच्छे अंक लाने की ज्यादा योग्यता रहेगी। तब आप “दिवाली” पर निबन्ध लिखने के बजाए, “दिल्ली” पर निबन्ध लिखने जैसी गलती नहीं करेंगे।

  • विश्राम का अर्थ यह भी है,मस्तिष्क को अधिक रक्त और अधिक ऑक्सीजन मिलना। परिणामस्वरूप आप परीक्षा के लिए अपनी बुद्धि का सर्वाधिक उपयोग कर सकते हैं। इससे गलतियाँ कम होगी। विशेषकर हास्यापद (सरल, सामान्य, टाली जा सकने वाली) गलतियाँ। अतः आपको अपने सामर्थ्य के अनुरूप पूर्ण अंक प्राप्त होंगे।

  • 7.समय से पहले परीक्षा कक्ष को नहीं छोड़े

  • कभी नहीं । समय से पूर्व परीक्षा कक्ष को कभी मत छोडिए | चाहे आपको पक्का विश्वास है कि आप जरूर सफल होंगे। चाहे आपको पक्‍का विश्वास है कि आप सफल हो ही नहीं सकते। परीक्षा कक्ष से समय पूर्व बाहर नहीं आएं

  • लोगों के इस मूर्खतापूर्ण व्यवहार के दो कारण हैं। प्रथम, वे सोचते हैं कि उन्हें सिर्फ 30 या 45 या 60% अंक ही प्राप्त होंगे,

  • जिनके द्वारा प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करना संभव नहीं है। किन्तु उनका यह सोचना गलत है ॥ वास्तव में किसी प्रतियोगी परीक्षा में सफल रहने के लिए आवश्यक है कि आप अन्य प्रतियोगियों की तुलना में अधिक अंक प्राप्त करे

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By REEMA SRIVASTAVA

I AM MUKESH KUMAR SRIVASTAVA

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